छह महिने नहीं सुधरेंगे ऑटो इंडस्ट्री के हालात

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ADCIदेश के कार और ट्रक-बस डीलरों को भी अब यह अहसास हो चुका है कि छह महिने तक बाजार के हालात सुधरने की उम्मीद नहीं है। हालांकि बेहद कमजोर ऑटो सैक्टर में टू-व्हीलर सैगमेंट में उम्मीद की किरण नजर आ रहा है। 

ऑस्ट्रेलिया के रिसर्च कन्सल्टेंट सीवैल ग्रुप द्वारा भारत के ऑटो डीलरों के बीच किये गये सर्वे में यह बात निकल कर आई। पैसेंजर कार सैगमेंट के लिये एडीसीआई यानि ऑटोमोटिव डीलर कॉन्फीडेन्स इंडेक्स 100 के पैमाने पर -40 रहा जिसका सीधा अर्थ है कि छह महिने तक इस सैगमेंट के डीलरों को हालात सुधरने की उम्मीद बहुत कम है। कार डीलरों की इस चिंता का अंदाजा सियाम को भी है। मार्च के बिक्री आंकड़े जारी करते हुये सियाम के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा था कि “Sales will rise more than 0%”                              

पिछले दिनों रेनो इंडिया के प्रमुख सुमित साहनी ने बिज़डम ऑटो को बताया कि जनवरी से मार्च की तिमाही में बिक्री करीब चार फीसदी गिर चुकी है।                                                       कार बाजार के हालात की बैरोमीटर मारुति सुजुकी ने अभी हाल ही जो बयान दिया है उससे भी आगे के हालातों का अंदाजा लग सकता है। मारुति सुजुकी के सीओओ मयंक पारीक ने कहा कि बिक्री पर भारी दबाव है ऐसे में डिस्काउंट काटने या कीमत बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है। 

मार्च में ज्यादातर कम्पनियों ने 1 अप्रेल से कीमत बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, होन्डा और ऑडी को छोड़ अप्रेल में अन्य किसी कम्पनी ने कीमत नहीं बढ़ाई।

सीवैल ग्रुप के भारत की ऑटो रिटेलिंग इंडस्ट्री के इस पहले सर्वे एडीसीआई के नतीजों के अनुसार सीवी यानि ट्रक-बस आदि के लिये एडीसीआई -32 आया। जिसका सीधा अर्थ है कि डीलरों को अगले छह महिने तक बिक्री पटरी पर लौटने की बहुत कम उम्मीद है। लेकिन यहां सबसे बड़ी बात ये है कि सीवी डीलरों का अगली दो तिमाई में बिक्री का नजरिया कार डीलरों के मुकाबले थोड़ा बेहतर है।

2009 में जब दुनिया वित्तीय संकट से जूझ रही थी और ज्यादातर देशों में बिक्री घट रही थी तब भारत के हालात इतने बुरे नहीं थे। हालांकि कारों की बिक्री घटी थी लेकिन दुपहिया बाजार अपनी रफ्तार से चल रहा था। एडीसीआई के सर्वे के नतीजों पर गौर करें तो फिर दुपहिया बाजार उम्मीद बंधा रहा है। टू-व्हीलर सैगमेंट के लिये एडीसीआई +13 है जिसका अर्थ है कि दो तिमाहियों के दौरान बिक्री सुधरने की बड़ी उम्मीद है।

यह नतीजे देश के 116 शहरों के 24 अलग-अलग ब्रांडों के कार, सीवी और टू-व्हीलर सैगमेंट के 215 डीलरों के फीडबैक के आधार पर निकाले गये हैं।

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