कमसिन बता रहे हैं कैसी होनी चाहिये उनकी कार

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nissan-idx-nismo-concept दुनिया तेजी से  बदल रही है और  इतनी ही तेजी से  बदल रहे हैं कार  ग्राहक भी। ऐसे में  कार कम्पनियों के  लिये फ्यूचर  कस्टमर्स के दिमाग  को समझ पाना  इतना आसान नहीं  होता। कार कारोबार  भी बहुत अजीब से  माहौल में काम करती हैं जो मॉॅडल सालों बाद बिकने की स्थिति में पहुंचता है उस पर दस-दस साल पहले शुरू करना पड़ता है। लेकिन इसमें एक रिस्क भी है जब तक मॉडल बाजार में आता है कई बार पुराना पड़ जाता है यानि मेहनत और पैसे दोनों की बर्बादी।
टाटा मोटर्स की नई पीढ़ी की सफारी जो 2012 में स्टॉर्म के नाम से बाजार में आई है ये हकीकत में 2007 में ही लॉन्च हो जानी थी। लेकिन नैनो प्रॉजेक्ट के चलते इसकी अनदेखी हुई और जब बाजार में आई तो माहौल और पसंद सब में बदलाव आ चुका था। सेडान जैसा कम्फर्ट, शानदार कर्व और बड़े व्हील आर्च वाली महिन्द्रा एक्सयूवी500 के लिये हजारों लोग लाइन में लगे थे और कॉम्पेक्ट एसयूवी रेनो डस्टर को लेकर दीवानगी बढ़ रही थी। यानि टाटा जिस स्टॉर्म से सफारी की कामयाबी को नई रफ्तार देना चाहती थी उसकी हवा निकल गई।
टोकियो में जो मोटर शो चल रहा है उसमें निसान के दो मॉडल आईडीएक्स निस्मो और आईडीएक्स फ्रीफ्लो कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किये हैं। फ्यूचर कस्टमर्स के दिमाग में सेंध लगाने के लिये कम्पनी ने डिजायन कॉन्सेप्ट के लिये युवाओं को काम पर लगाया था। उम्मीद थी कि यंगस्टर्स कुछ फ्यूचुरिस्टिक मॉडल डिजायन करेंगे लेकिन जो नतीजा सामने आया उससे निसान को भी झटका लगा। ये दोनों ही मॉडल रिट्रो झलक देेते हैं।
निसान ने रियर व्हील ड्राइव कूपे का डिजायन आइडिया देने के लिये 100 टीनेजर्स को चुना था। इस पूरी कवायद से जो दो मॉडल सामने आये उनमें आश्यर्चजनक रूप से डेटसन के गुजरे जमाने के मॉडल 510 की झलक मिलती है। डेटसन ने इस मॉडल को 1968 से 1974 के बीच बेचा था। यानि जब ये टीनेजर पैदा हुये होंगे उससे से भी कोई बीस साल पहले।
निसान के डिजायन चीफ एंडी पामर कहते हैं कि आईडीएक्स निस्मो और आईडीएक्स फ्रीफ्लो कॉन्सेप्ट में 510 के निशान साफ नजर आते हैं। उन्होंने डेटसन 510 के बारे में सुन रखा था और कम्पनी से 510 के बारे में बात भी की थी और यही बातचीत उनके लिये प्रेरणा बन गई। पामर कहते हैं इस ऑनलाइन मुहिम के जरिये कोशिश टीनेजर्स से ऐसा मॉडल डिजायन करवाने की थी जो बड़े होकर वे खुद खरीदना चाहें।
वैसे कुछ फोरकास्टर ये भी कहते हैं 90 के बाद पैदा हुये बच्चों में कारों को लेकर कोई ज्यादा रुचि नहीं है। ऐसे में इस प्रतियोगिता के जरिये निशान टीनेजरों के सोचने के तरीके को समझना चाहती है। उनमें कारों को लेकर रुचि आखिर घट क्यों रही है और कम्पनी इसे बदलने के लिये क्या कर सकती है।
टोकियो मोटर शो में प्रदर्शित किये गये इन मॉडलों को लेकर कम्पनी दर्शकों का फीडबैक जानना चाहती है। पामर को उम्मीद है आईडीएक्स कॉन्सेप्ट पर आधारित प्रॉडक्शन मॉडल तीन-चार साल में बाजार में आ जायेगा।

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