ऑल्टो के-10 ऑटो पर मारुति का बड़ा दांव

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k-10मारुति ने सेलेरियो के साथ एएमटी टेक्नोलॉजी पेश करने का जो दांव चला था उसके कामयाब रहने को देखते हुये कम्पनी अब ऑल्टो के-10 से भी ऐसी ही उम्मीद लेकर चल रही है। जयपुर में लॉन्च के मौके पर कम्पनी के कार्यकारी निदेशक मार्केटिंग एंड सेल्स आरएस कल्सी ने बिज़डम ऑटो को बताया कि शुरूआत में सेलेरियो की डिमांड में एएमटी वैरियेंट का हिस्सा 20 फीसदी रहने का आंकलन था लेकिन अफोर्डेबल कीमत, ऑटोगियर की सुविधा और बेहतरीन फ्यूल एफीशियेंसी के चलते 40 फीसदी तक पहुंच चुका है। कल्सी ने बताया कि कम्पनी नई पीढ़ी की ऑल्टो के-10 की बिक्री में एएमटी वैरियेंट का योगदान 20 फीसदी रहने का आंकलन लेकर चल रही है।
एएमटी किट की सप्लाई के सवाल पर उन्होंने बताया कि शुरूआत में हर महिने 2 हजार यूनिट्स मिल रही थीं लेकिन अब यह 4 हजार तक पहुंच चुकी हैं। आने वाले महिनोंं में कम्पनी को हर महिने 5 हजार एएमटी किट मिलने की उम्मीद है और जैसे ही किट सप्लाई करने वाली कम्पनी मेगनेटी मरेली के मानेसर प्लांट में उत्पादन शुरू होगा मारुति नये मॉडलों में भी इस टेक्नोलॉजी को लॉन्च करेगी। अभी हर महिने औसत 20 हजार ऑल्टो बिक रही हैं और नये मॉडल के आने से ऑल्टो रेंज की बिक्री 10 फीसदी बढऩे की उम्मीद है।
मारुति सुजुकी के सीईओ केनिची आयुकावा की मानें तो अगले कुछ वर्ष में कम्पनी की कुल बिक्री में एएमटी वैरियेंटों का योगदान 30 से 40 फीसदी तक पहुंच सकता है।
कल्सी के अनुसार ऑल्टो को कम्पनी ने 2010 में लॉन्च किया था और अब तक 26 लाख यूनिट्स बिक चुकी हैं। इस दौरान यह 9 सालों से लगातार बेस्ट सेलर है और 3 साल वल्र्ड मार्केट में भी अपने सैगमेंट में बेस्ट सेलर रह चुकी है। ऑल्टो के-10 को 2010 में लॉन्च किया था और 4 लाख कारें भारत में चल रही हैं।
नई ऑल्टो के-10 की चर्चा करते हुये उन्होंने बताया कि 200 करोड़ के निवेश से तैयार हुये नई पीढ़ी के इस मॉडल में 1 लीटर का के-सिरिज इंजन लगा है। इंजन पहले वाला ही है लेकिन उसे नये सिरे से ट्यून किया गया है जिससे एआरएआई प्रमाणित मायलेज 15 फीसदी बढक़र 24.07 किमी तक पहुंच गया है। इसके अलावा लम्बाई और चौड़ाई बढऩे से इंटीरियर स्पेस भी 15 फीसदी अधिक है।

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