Audi to jump into hatchback bandwagon

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Ileana Spotted at Audi A3 Launchयूट्यूब पर कुछ महिने पहले ऑडी के एक विज्ञापन का वीडियो खूब चर्चित हुआ था। मौका मिले तो आप भी इस लिंक पर क्लिक पर देख सकते हैं। इसका नाम है ऑडी ए3 सुपरबॉल कमर्शियल। इस वीडियो का हीरो एक कुत्ता है थोड़ा अजीब सा…बेतरतीब सा। जो लक्जरी सैगमेंट में हैचबैक मॉडलों की विलेन की तरह खूब धुनाई करता है। यह वीडियो ऑडी ने खासकर बीएमडब्ल्यू व मर्सीडीज बेंज के हैचबैक मॉडलों पर तंज कसने के लिये तैयार किया था। 

फरवरी में हुये ऑटो एक्स्पो में ऑडी ने इसी ए3 को डिस्प्ले किया था और कुछ ही महिने में ये बाजार में आ जायेगी। ए3 दरअसल ऑडी का भारत में एंट्री लेवल मॉडल होगा जो अभी क्यू3 एसयूवी है। ए3 सेडान मॉडल है जबकि इसी प्राइस सैगमेंट में बीएमडब्ल्यू 1 सीरिज और मर्सीडीज ए व बी क्लास हैचबैक मॉडल हैं। ये जो सेडान और हैचबैक का अंतर है उसे ही दिखाने के लिये ऑडी ने सुपरबॉल वीडियो बनाया था।
लेकिन ऑडी ने भी अब कहा है कि वह ए3 सेडान लॉन्च के एक साल में इसके हैचबैक और केब्रिओले वैरियेंट भी लॉन्च करेगी। केब्रिओले यानि कन्वर्टिबल यानि सॉफ्ट रूफ ए3 को तो ऑडी ने ऑटो एक्स्पो में डिस्प्ले भी किया था।
बीएमडब्ल्यू ने 2011 में आई एक्स1 को मिले रिकॉर्ड समर्थन को देखते हुये ही 1-सीरिज को बड़ी उम्मीदों के साथ लॉन्च किया था लेकिन वे एक हद तक पूरी नहीं हो पाई और इसका बड़ा कारण कम्पनी का ब्रांड और बिक्री पर ज्यादा ध्यान नहीं देना है। लेकिन मर्सीडीज के वॉल्यूम में ए और बी-क्लास का योगदान 20 फीसदी से भी अधिक है। कम्पनी करीब ढ़ाई हजार गाडिय़ां बेच भी चुकी है।
तीन साल पहले लक्जरी सैगमेंट के ग्राहकों की औसत उम्र 40-42 साल थी जो अब घटकर 35 और कुछ मॉडलों में तो 32 वर्ष रह गई है। मर्सीडीज की पहचान शुरू से ही लायसेंसराज की सवारी के रूप में रही है लेकिन इसी बदलने और ब्रांडिंग को यंगटच देने के लिये कम्पनी अपने पूरे पोर्टफोलियो को फेसलिफ्ट या कहें तो अपग्रेड कर रही है। इसी रणनीति के तहत ए और बी-क्लास को पेश किया गया था।
यदि बात 2013 में लक्जरी सैगमेंट में बिक्री की करें तो 10050(दस हजार पचास) यूनिट्स के साथ ऑडी पहले पायदान पर रही थी लेकिन मर्सीडीज से इसे तगड़ी टक्कर मिली थी। मर्सीडीज ए और बी-क्लास को मिले बेहतरीन समर्थन के दम पर 9000 गाडिय़ां बेचने कामयाब रही जबकि बीएमडब्ल्यू 7500 यूनिट्स पर सिमट गई।
मर्सीडीज के लगातार गैप को कम करने और पोर्टफोलियो में नई पीढ़ी के मॉडल शामिल करने और डीलर नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने को देखते हुये ऑडी को भी अहसास है कि अगले दो साल मुकाबला उन दोनों के बीच ही रहेगा। ऐसे में उस सैगमेंट में भरपूर मौजूदगी बहुत जरूरी है जहां ना केवल बिक्री बल्कि ब्रांडिंग सुधारने के भी मौके हैं और अपने बाजार को बचाये रखने के लिये ऑडी कुत्ते को बांधने को भी तैयार नजर आ रही है।

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