Toll tax : 1 दिसम्बर से सभी नई गाडिय़ों में जरूरी होगा Fastag

Creta
JD Power CSI: Hyundai अव्वल, Maruti और Tata की दूसरी रैंक
November 2, 2017
road safety
Road Accident: फुटपाथ छोड़ सडक़ पर पैदल चलना पड़ सकता है भारी
November 6, 2017
Toll Tax

Fastag1

भारत सरकार ने एक दिसम्बर से सभी नई चार पहिया गाडिय़ों के लिये Fastag जरूरी कर दिया है। रोड ट्रान्सपोर्ट एंड हाईवे मंत्रालय ने कहा है कि 1 दिसम्बर से सभी नये चार पहिया वाहनों के लिये Fastag जरूरी होगा। कम्पनियों और डीलरों के लिये विंडस्क्रीन पर फास्टैग डिवाइस लगाना Fastag होगा।

Fastag दरअसल RFID यानी रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी वाली डिवाइस है जिससे बिना कैश पैसे दिये या फिर Toll बूथ पर रुके टोल का भुगतान किया जा सकता है। Fastag डिवाइस को गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है और जो आपके बैंक अकाउंट से जुड़ी होती है। जैसे ही आप Toll बूथ की रेंज में आते हैं बिना रुके अपने आप आपके खाते से टोल टेक्स कट जाता है।

सडक़ परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी किये गये नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 1 दिसम्बर के बाद बिकने वाली हर नई गाड़ी में भारत सरकार के तय मानकों के अनुसार Fastag लगा होना जरूरी होगा। Fastag को जरूरी करने के लिये सेंट्रल मोटर वेहीकल रूल्स, 1989 में बदलाव किये गये हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यदि कोई गाड़ी बिना विंडस्क्रीन वाले चैसिस के रूप में बिकती है तो रजिस्ट्रेशन से पहले इसके विंडस्क्रीन पर Fastag लगवाना जरूरी होगा।

Fastag को आप नेटबैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, एनईएफटी, डेबिट कार्ड या आरटीजीएस से रीचार्ज कर सकते हैं।

अभी देश में 370 से ज्यादा नेशनल हाईवे के Toll बूथ एनईटीसी यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम से जुड़े हैं और इन सभी से आप Fastag के जरिये Toll चुका सकते हैं। अभी भारत में एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी और एसबीआई बैंक Fastag जारी करते हैं। इसे लगवाने के लिये आपको केवाईसी के लिये कागज देने होते हैं। भारत सरकार ने Fastag की प्राइस ज्यादा से ज्यादा 200 रुपये तय कर रखी है।

पेमेंट वॉलेट कम्पनी पेटीएम भी Fastag बेचती है और इसकी प्राइस 200 रुपये है और वित्त वर्ष 2017-18 यानी 31 मार्च 2018 तक इस पर 7.5 परसेंट का कैशबैक दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>