14 कार कम्पनियों पर 2554 करोड़ रुपये का जुर्माना

0
17

Right-to-repair-437x350

प्रतिस्पर्धा आयोग ने मारुति, टाटा, महिन्द्रा सहित 14 प्रमुख कार कम्पनियों पर खुले बाजार में स्पेयर पार्ट्स नहीं बेचने के आरोप में करीब चार सालों से चल रहे मामले में फैसला सुनाते हुये 2554 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रतिस्पर्धा आयोग का मानना था कि इस तरह कार कम्पनियां कम्पीटिशन कानून की अनदेखी कर रही हैं। 

प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपने फैसले में जिन अन्य कम्पनियों को दोषी पाया है वे हैं, होन्डा कार्स इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर, फोक्सवैगन इंडिया, फिएट इंडिया, फोर्ड इंडिया, जनरल मोटर्स इंडिया, निसान इंडिया, मर्सीडीज बेंज इंडिया, हिंदुस्तान मोटर्स, बीएमडब्ल्यू इंडिया और स्कोडा ऑटो इंडिया।

चीन में प्राइसिंग मोनोपॉली: जेएलआर ने 3 मॉडल किये सस्ते

प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन कम्पनियों ने ब्रांडेड स्पेयर पार्ट्स व अन्य टूल्स को खुले बाजार में मुहैया नहीं कराया जिससे चुनिंदा कार मॉडलों की रिपेयर व मेंटीनेन्स नहीं किया जा सकता। स्पेयर पार्ट्स व अन्य सुविधाओं पर अपना नियंत्रण बनाये रखने से ये कम्पनियां ग्राहक से मनमानी और ज्यादा कीमत वसूलती हैं।

“The commission found that the conduct of the car companies was in violation of the provisions of section 3(4) of the Act with respect to its agreements with local original equipment suppliers (OESs) and agreements with authorized dealers whereby it imposed absolute restrictive covenants and completely foreclosed the after-market for supply of spare parts and other diagnostic tools,” CCI said in the statement.

कम्पटीशन कमिशन ऑफ इंडिया ने इन कम्पनियों को स्पेयर पार्ट्स व अन्य टूल्स खुले बाजार में मुहैया कराने के लिये सिस्टम तैयार करने का भी निर्देश दिया है।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने सबसे ज्यादा 1346.46 करोड़ रुपये का जुर्माना टाटा मोटर्स पर लगाया है वहीं मारुति सुजुकी को 471.14 करोड़ रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा पर 292.25, टोयोटा किर्लोस्कर पर 93.38,जनरल मोटर्स पर 84.58, होन्डा कार्स इंडिया पर 78.47, स्कोडा ऑटो इंडिया पर 46.39, फोर्ड इंडिया पर 39.78, फिएट इंडिया ऑटोमोबाइल्स पर 29.98, मर्सीडीज बेंज पर 23.08 और बीएमडब्ल्यू इंडिया पर 20.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस मामले में प्रतिस्पर्धा आयोग ने 17 कम्पनियों के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिनमें से ह्यूंदे मोटर इंडिया ने अदालत से स्टे ले रखा है। कम्पनी ने अपना तर्क रखते हुये कहा कि शुरुआती मामला सिर्फ तीन कम्पनियों पर था लेकिन प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपनी ओर से फैसला करते हुये इसके दायरे में पूरी कार इंडस्ट्री को शामिल कर लिया है। जबकि महिन्द्रा रेवा और प्रीमियर ऑटो को अभी इस फैसले से बाहर रखा गया है।
प्रतिस्पर्धा आयोग में इस मामले की जांच शुरू होने के बाद से कुछ कम्पनियों ने अपने स्पेयर पार्ट्स खुले बाजार में उपलब्ध कराने के लिये कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। ह् यूंदे मोटर इंडिया ने मोबिस के नाम से अलग कम्पनी की शुरूआत की है जो डिस्ट्रीब्यूटर व रिटेलर मॉडल के जरिये खुले बाजार में स्पेयर पार्ट्स बेच रही है। हाल ही में फोर्ड के बड़े अधिकारी ने भी कहा था कि वे इस दिशा में काम कर रहे हैं और रिटेल नेटवर्क तैयार होने में थोड़ा समय लगेगा। टाटा मोटर्स भी इसी डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर काम कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here