वैगन-आर की छलांग से चकराया कार बाजार

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Maruti-Wagon-R

जून में कार की बिक्री 14.76 प्रतिशत बढ़ी। कम्पनियों को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी। सियाम के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर कहते हैं कि This is not organic growth. यानि ये कुदरती बढ़ोतरी नहीं है और जून की बिक्री से कार बाजार के ट्रेंड का पता नहीं चलता। यदि कारों की बिक्री में आई इस तेजी को किनारे रखकर बात करें तो सबसे बड़ी खबर मारुति ऑल्टो और वैगन-आर की है। ये दोनों ही मॉडल पेट्रोल के हैं और मिनी सैगमेंट में है। इनके ज्यादातर खरीदार फस्र्ट टाइम कार बायर यानि अपने जीवन की पहली गाड़ी खरीदने वाले होते हैं। इन दोनों मॉडलों की जून में जो परफॉर्मेन्स रही है उसने खुद मारुति को भी झटका दिया है। जनवरी में मारुति ने 23362 ऑल्टो बेची थी जो अप्रेल में घटकर 16763 ही रह गई। मई में इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई और कम्पनी 17311 ऑल्टो बेच पाई। लेकिन जून में यह आंकड़ा अचानक 30499 तक पहुंच गया। यह मार्च 2012 के बाद सबसे अधिक बिक्री है। कम्पनी ने अक्टूबर 2012 में पुरानी ऑल्टो को बंद कर ऑल्टो800 के नाम से नई जेनरेशन का मॉडल लॉन्च किया था इसके बावजूद पिछले सवा दो सालों में कभी भी इस स्तर पर नहीं पहुंच पाई। ऑल्टो800 के लॉन्च के मौके पर बिज़डम ऑटो ने कम्पनी के सीओओ मयंक पारीक से जब यह सवाल किया कि नई ऑल्टो800 से ऑल्टो का एक महिने में 38 हजार यूनिट्स की बिक्री का ऑल टाइम रिकॉर्ड सुधरने की उम्मीद है तो उन्होंने इतना भर कहा था वी आर होपिंग।
इसी तरह वैगन-आर की जून में 17119 यूनिट्स की बिक्री हुई जो ऑल टाइम रिकॉर्ड है यानि वैगन-आर भले ही भारत का सबसे पॉपुलर फैमिली कार मॉडल हो लेकिन पिछले 13 वर्ष में यह कभी भी इस स्तर पर नहीं पहुंच पाई।

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