रिकवरी को धीमा कर सकती है कमजोर रूरल इकोनॉमी

0
23

company march2015जनवरी से मार्च के बीच टाटा बोल्ट, ह्यूंदे न्यू वरना, एक्टिव आई-20 आदि नये मॉडल आये। इसके अलावा फाइनेंशियल ईयर क्लोजिंग के कारण भी कम्पनियों ने डीलर डिस्पैच बढ़ाये। हालांकि बेमौसम बारिश के कारण रूरल इकोनॉमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं इसके बावजूद मार्च में कम्पनियों को सेंटिमेंट का फायदा मिला है और टॉप-11 में से 6 कार कम्पनियों को सेल्स के मोर्चे पर अच्छा फायदा मिला है। लेकिन रिटेल सेल्स में 3 महिने से आ रही कमजोरी से उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं।
मार्च में जहां होन्डाकार ने रिकॉर्ड 22 हजार से ज्यादा गाडिय़ों के डिस्पैच किये वहीं महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की नये मॉडल लाने में सुस्ती बहुत भारी पड़ रही है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा को पैसेंजर सैगमेंट में करीब 10 फीसदी का नुकसान हुआ है। महिन्द्रा अब होन्डा कार से पिछडक़र चौथे पायदान पर पहुंच गई है। हालांकि आने वाले महिनों में दो-तीन नये मॉडल आने से कम्पनी कमबैक करने की स्थिति में है।
मारुति को हालांकि बिक्री के मोर्चे पर कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ लेकिन सिल्वर लाइनिंग यह है कि ऑल्टो और वैगन-आर वाले मिनी सैगमेंट में कम्पनी की बिक्री बढ़ी है। वित्तीय वर्ष की शुरूआत में इन मॉडलों का कम्पनी की बिक्री में 37 फीसदी हिस्सा था जो अब साल के आखिरी महिने में बढक़र 44 फीसदी हो गया। इससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि पेट्रोल सस्ता होने और इकोनॉमी को लेकर चिंतायें कमजोर पड़ जाने के कारण फस्र्ट टाइम बायर फिर सक्रिय हो रहा है। पिछले छह महिने में स्विफ्ट व डिज़ायर के फेसलिफ्ट, एएमटी के साथ के-10 और सियाज़ लॉन्च करने से कम्पनी को फायदा हुआ है और निर्यात सहित कुल बिक्री 11.9 फीसदी बढक़र 12.92 लाख यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
लेकिन नये साल में बिक्री की रफ्तार कमजोर पडऩे की भी आशंका गहरा रही है। नई सरकार आने के बाद जो उम्मीदें जगी थीं वो दो-तीन महिनों से कमजोर पड़ रही हैं। इसका असर कारों की रिटेल सेल्स पर भी नजर आ रहा है। फरवरी-मार्च में बेमौसम बारिश और ओले पडऩे से हुये फसलों को भारी नुकसान के रूरल इकोनॉमी की सेहत खराब होगी और इसका असर गाडिय़ों की बिक्री पर भी नजर आयेगा। ह्यूंदे इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राकेश श्रीवास्तव के अनुसार 2015 में भी हालात चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है, इकोनॉमी में भरोसा नहीं बढ़ पाने से रिटेल सेल्स जोर नहीं पकड़ पा रही है।
अभी पिछले दिनों आई क्रिसिल की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान पैसेंजर गाडिय़ों की बिक्री 5-7 फीसदी बढ़ेगी। मारुति सुजुकी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरएस कल्सी का भी मानना है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान इंडस्ट्री 5-6 फीसदी ही बढ़ पायेगी। मानसून यदि अच्छा रहा तो इकोनॉमी को फायदा मिल सकता है अन्यथा रिकवरी के लिये इंतजार लम्बा हो सकता है।
मारुति सुजुकी ने रूरल इकोनॉमी की कमजोरी के कारण हो सकने वाली नुकसान की भरपाई के लिये इस वर्ष 2.5 लाख गांवों में सम्पर्क करने का लक्ष्य रखा है पिछले साल मारुति ने 1.5 लाख गांवों तक पहुंची थी। कम्पनी की बिक्री में रूरल मार्केट्स का योगदान करीब 35 फीसदी है।
महिन्द्रा की पैसेंजर सैगमेंट में पूरी मौजूदा तीन मॉडलों बोलेरो, स्कॉर्पियो और एक्सयूवी500 पर निर्भर है। पोर्टफोलियो में कॉम्पेक्ट एसयूवी मॉडल नहीं होने के कारण कम्पनी को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम्पनी के ऑटो सैगमेंट के चीफ एक्जीक्यूटिव प्रवीण शाह के अनुसार चालू वर्ष के दौरान दो नये मॉडल और कुछ फेसलिफ्ट लॉन्च होने के बाद हालात सुधरने की उम्मीद है।
टाटा मोटर्स में कमबैक के संकेत मिल रहे हैं और ज़ेस्ट व बोल्ट के दम पर कम्पनी की बिक्री मार्च में 19 फीसदी की बढ़त के साथ 15 हजार यूनिट्स को पार कर गई। दिवाली के आस-पास यूवी मॉडल लॉन्च होने से भी टाटा मोटर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here