फोक्सवैगन की SEAT ब्रांड भारत लाने की योजना

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स्कोडा, फोक्सवैगन, ऑडी और पोर्शे जैसे ब्रांड्स के बावजूद भारत में जमने के लिये जूझ रही दुनिया की दूसरी सबसे ऑटोमेकर फोक्सवैगन ग्रुप अपने स्पेनिश ब्रांड सीट को भारत लाने की योजना पर काम कर रही है।
फोक्सवैगन के मास मार्केट पोर्टफोलियो में अभी वेंतो और पोलो के अलावा स्कोडा रैपिड, ऑक्टाविया और सुपर्ब आदि मॉडल हैं। करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी वाले 3-5 लाख रुपये के कॉम्पेक्ट हैचबैक सैगमेंट में मारुति और ह्यूंदे के दबदबे का मुकाबला करने के लिये कम्पनी अपना आखिरी हथियार इस्तेमाल करना चाहती है। स्पेन के ब्रांड सीट के पोर्टफोलियो में ज्यादातर मॉडल हैचबैक हैं। सीट के इबीज़ा, लिओन, मी और ऑल्टिआ आदि मॉडल फोक्सवैगन के प्लेटफॉर्म पर ही डिजायन किये गये हैं और इनकी फील स्पोर्टी है।
फायनेन्शियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों भारत में सीट के मॉडलों का फीजिबिलिटी स्टडी यानि व्यावहारिकता अध्ययन चल रहा है और कोशिश 3 से 4 वर्ष में इन्हें यहां लॉन्च करने की है।
सीट ब्रांड अभी ज्यादातर यूरोप तक ही सीमित है लेकिन यूरोप में लगातार घाटे को देखते हुये फोक्सवैगन इस ब्रांड को भारत जैसे उभरते हुये बाजारों में पेश करना चाहता है। इसी स्ट्रेटेजी के तहत 2012 में सीट ब्रांड को चीन में पेश किया गया था।
बाजार के जानकारों के अनुसार फोक्सवैगन इंडिया के पोर्टफोलियो में अभी शुरूआती मॉडल पोलो करीब 5 लाख रुपये का है। जबकि मारुति, ह्यूंदे सहित टाटा, फोर्ड, जीएम और होन्डा के पास 3 से 5 लाख रुपये के सैगमेंट में कई मॉडल हैं।
माना जा रहा है कि फोक्सवैगन समूह सीट ब्रांड को पूरी तैयारी और हाई लोकेलाइजेशन के साथ लॉन्च करना चाहता है। चर्चा यह भी है कि इस ब्रांड के मॉडलों का उत्पादन भी चाकण संयंत्र में ही किया जायेगा। चाकण संयंत्र में कम्पनी ने हाल ही इंजन प्लांट पर 240 करोड़ रुपये का निवेश किया है। चाकण में फोक्सवैगन समूह हर साल दो लाख गाडिय़ां बनाने की स्थिति में है वहीं प्रीमियम ब्रांड ऑडी का उत्पादन औरंगाबाद संयंत्र में किया जाता है।

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