फिएट और फोक्सवैगन के मायलेज दावों पर उठे सवाल

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alternative-fuel-stations-1इटली के एक कंज्यूमर ग्रुप ने फिएट और फोक्सवैगन के कुछ मॉडलों का मायलेज कम्पनी के दावों से कम पाये जाने पर कानूनी कार्यवाही शुरू की है। ऑल्ट्रोकंज्यूमो का आरोप है कि ये कम्पनियां ग्राहकों को गलत जानकारी देकर धोखा दे रही हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंज्यूमर ग्रुप ने जिन दो मॉडलों के मायलेज की जांच की वे हैं फिएट पांडा 1.2 और फोक्सवैगन गोल्फ 1.6 टीडीआई और इनका मायलेज कम्पनी के दावों के उलट क्रमश: 20 और 50 फीसदी कम पाया गया।
पिछले साल ऐसे ही मामलों में ह्यूंदे और किया मोटर्स को 300 मिलियन डॉलर का हर्जाना देना पड़ा था। इसके अलावा बीएमडब्ल्यू ने भी अमेरिका में बिकने वाले कुछ मिनी मॉडलों के मायलेज में कटौती की थी।
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अब फोर्ड फंसी मायलेज के मामले में
कार कम्पनियां अभी यूरोपीय संघ के मानकों के आधार पर मायलेज के दावे करती हैं। न्यू यूरोपीयन ड्राइविंग साइकल मानक वर्ष 1970 में लागू हुये थे लेकिन तब से ड्राइविंग के हालातोंं में बहुत बदलाव आ चुका है ऐसे में कम्पनियों के मायलेज दावे के मुकाबले वास्तविक ऑन रोड मायलेज कहीं कम होता है।
इसे देखते हुये यूरोपीय संघ वर्ष 2017 से वल्र्ड लाइट वेहीकल टेस्ट प्रोसीजर के नाम से नई टेस्टिंग प्रक्रिया लागू कर रहा है जो मौजूदा प्रक्रिया की तुलना में कहीं कड़ी है। लेकिन इसका भी विरोध हो रहा है और बीएमडब्ल्यू के चीफ एक्जीक्यूटिव ने पिछले साल कहा था कि वे इसे 2020 से लागू करने के लिये लॉबिंग कर रहे हैं।

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