फायर एक्सीडेंट: फिएट क्राइस्लर पर 900 करोड़ का जुर्माना

0
32

jeep-grand-cherokee-04अमेरिका के जॉर्जिया की अदालत ने दो साल पहले एक हादसे में चार साल के बच्चे की मौत के मामले में फिएट क्राइस्लर को 150 मिलियन डॉलर यानि 900 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश किया है। यह परिवार वर्ष 2012 में 1999 में बनी जीप ग्रांड शेरोकी में जा रह था। रास्ते में कोई एक्सीडेंट हुआ है और गाडी में फ्यूल टेंक पीछे की ओर होने से आग लगी जिसमें बच्चे की जलने से मौत हो गई। जॉर्जिया की डीकेटर काउंटी की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कम्पनी ने कस्टमर को यह नहीं बताया कि गाड़ी का फ्यूल टेंक पीछे की ओर है और पीछे से भिड़ंत की स्थिति में आग लगने की आशंका है। ऐसे में बच्चे रेमिंगटन वॉल्डनर की मौत के लिये कम्पनी फिएट क्राइस्लर जिम्मेदार है।
फिएट क्राइस्लर के प्रवक्ता माइकल पैलेसे ने बयान जारी कर कहा कि कम्पनी इस फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार करेगी।
कम्पनी रिअर फ्यूल टेंक वाली ऐसी 15.6 लाख जीप एसयूवी को रीकॉल कर चुकी है हालांकि जिस गाड़ी के साथ हादसा हुआ वो इस रीकॉल में शामिल नहीं थी। अदालत ने कहा कि कम्पनी ने अपनी जिम्मेदारी की अनदेखी की है ऐसे में जो कुल नुकसान हुआ है उसके 99 फीसदी हिस्से की भरपाई उसे ही करनी पड़ेगी। जिस गाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी उसके ड्राइवर को मुआवजा का 1 फीसदी हिस्सा देना होगा।
पीडि़त परिवार की ओर से कानूनी पक्ष रखते हुये वकील ने कहा कि हादसे में फ्यूल टेंक फटा जिससे आग लगी। यदि कम्पनी फ्यूल टेंक को थोड़ा आगे लगाती तो यह अधिक सुरक्षित होता।
फ्यूल टेंक की पोजिशन को लेकर जताई जा रही चिंता को देखते हुये फिएट क्राइस्लर ने 2013 में कहा था कि वह 1993 से 1998 के बीच बनी ग्रांड शेरोकी और 2002 से 2007 के बीच बनी लिबर्टी जीप को रीकॉल करेगी।
अमेरिका में वाहन सुरक्षा और रीकॉल के मामले देखने वाली एजेंसी एनएचटीएसए नेशनल हाईवे ट्रेफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन का आंकलन है कि फ्यूल टेंक की इस गड़बड़ी के कारण हुये हादसों में 50 लोगों की जान जा चुकी है। Source: Autonews

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here