न्यू ऑल्टो के-10:बजट कार विद ऑटो गियर

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मारुति ने ऑल्टो के-10 का नई पीढ़ी का मॉडल लॉन्च किया है। इसे अपमार्केट स्टाइल, फंक्शनल फीचर्स, फ्यूल एफीशियेंसी और नई टेक्नोलॉजी का बढिय़ा पैकेज कह सकते हैं। ऑल्टो भारत में बेस्ट सेलर मॉडल है और वर्ष 2000 में लॉन्च होने के बाद के 14 में से 9 साल टॉप-सेलिंग मॉडल रहा है। 26 लाख बिक चुकी हैं जिनमें से करीब 4 लाख यूनिट्स का योगदान के-10 का है। के-10 को कम्पनी ने साल 2010 में ऑल्टो से अपग्रेड करने वाले ग्राहकों के लिये लॉन्च किया था।
नई ऑल्टो के-10 के साथ कम्पनी ने सेलेरियो वाली एएमटी यानि ऑटो गियरशिफ्ट टेक्नोलॉजी को पेश किया है। सेलेरियो में एलएक्सआई एएमटी की जयपुर में एक्स-शोरूम कीमत 4.26 लाख रुपये की जबकि नई ऑल्टो के-10 में ऑटो गियरशिफ्ट वाला वीएक्सआई वैरियेंट 3.91 लाख रुपये का है। यानि अब 4 लाख रुपये से कम में भी ऑटोगियर कार उपलब्ध है।
k-10ऑटो गियर और एएमटी: आमतौर पर मैन्युअल के मुकाबले ऑटोमेटिक कार 1 लाख रुपये महंगी होती है। इसके अलावा मैन्युअल की तुलना में ऑटोमेटिक गियर कार मायलेज भी करीब 30 प्रतिशत कम होता है। लेकिन एएमटी यानि ऑटो मैन्युअल टेक्नोलॉजी को आप एक तीर से दो शिकार करना कह सकते हैं। मैन्युअल और एएमटी वैरियेंट में कीमत का अंतर जहां 1 लाख के बजाय 45-50 हजार रुपये ही रह जाता है वहीं एएमटी और मैन्युअल वैरियेंट का मायलेज भी बिल्कुल एक जैसा रहता है। एएमटी यानि ऑटो गियरशिफ्ट से आपको शहरों की भीड़भरी सडक़ों पर बार-बार गियर बदलने और क्लच दबाने से बिल्कुल मुक्ति मिल जाती है। इस टेक्नोलॉजी को मास मार्केट मॉडलों में पेश कर मारुति ने जो किया है कि उसे Technology Democratization यानि कारगर तकनीक को हर किसी की पहुंच में लाने की कोशिश कह सकते हैं।

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डिजायन: कम्पनी की कोशिश नई ऑल्टो के-10 को एंट्री लेवल में स्टायलिश कार के रूप में पेश करने की थी और फ्रंट फेशिया की डिजायन से लगता है कि इसमें यह काफी कामयाब रही है। गाड़ी का चेहरा अब बड़ा और बोल्ड है। रेडियेटर ग्रिल पर क्रोम और साइड में बड़े-बड़े हैडलैम्प से नया मॉडल पहले के मुकाबले कहीं बेहतर नजर आता है। बड़े से एअरडैम और बोनट पर क्रीज लाइन्स से भी नई ऑल्टो के-10 के फ्रंट लुक में अपील आई है। उभरे हुये व्हील आर्च, साइड में शोल्डर लाइन्स और बी-पिलर पर ब्लैक स्ट्रिप इसे स्पोर्टी टच मिला है। बूट गेट का डिजायन सुधारकर उसमें क्रोम का इस्तेमाल किया गया है।
k-1011इंटीरियर: नई ऑल्टो के-10 का इंटीरियर बिल्कुल नया है। डैशबोर्ड अब ड्यूअल टोन है जो फिट व फिनिश के लिहाज से भी पुराने मॉडल के मुकाबले बेहतर है। सेंटर कंसोल का डिजायन बदला गया है और इसमें नई डिजायन वाले एसी वेंट और ग्लॉसी ब्लैक फिनिश वाला म्यूजिक सिस्टम पूरे इंटीरियर को लक्जरी सा अहसास देता है। स्टीयरिंग व्हील 3-स्पोक है और इसमें सिल्वर फिनिश दी गई है। फ्रंट पावर विंडो स्विच अब डोर ट्रिम पर नहीं बल्कि गियर कंसोल के पास दिये गये हैं जो बहुत सुविधाजनक हैं। फ्रंट सीट्स पर आपको इंटीग्रेटेड हैडरेस्ट मिलेंगे साथ ही ड्राइवर सीट के राइट साइड में छोटा बैग आदि टांगने के लिये फोल्डेबल हुक दिया गया है। पुराने मॉडल के मुकाबले नई ऑल्टो के-10 की लम्बाई और चौड़ाई 15 मिमी ज्यादा है जिससे सीटिंग स्पेस बढ़ा है। फ्रंट सीट्स की बैक को पाउच जैसा डिजायन दिया गया है जिससे पिछली सीट की सवारियों को ज्यादा लैग स्पेस मिलता है। alto k-10 vs competition

इंजन: नई पीढ़ी की ऑल्टो के-10 में पहले वाला ही 998 सीसी का के-सिरिज इंजन है। लेकिन नये सिरे से ट्यूनिंग करने से इसका एआरएआई मायलेज बढक़र 24.07 किमी हो गया है। मैन्युअल और ऑटो गियरशिफ्ट दोनों वैरियेंट में मायलेज में कोई अंतर नहीं है। मारुति सुजुकी 2009 से के-सिरिज इंजन से लैस गाडिय़ां बेच रही है और यह अपने हल्के वजन, पावर डिलिवरी, परफॉर्मेन्स, मायलेज, मेंटीनेन्स और कम आवाज के लिये बहुत पसंद किया जाता है। इस इंजन से 6 हजार आरपीएम पर 68 पीएस पावर और 3500 आरपीएम पर 90 एनएम का टॉर्क मिलता है। 

सेफ्टी: नई ऑल्टो के-10 के टॉप एंड वीएक्सआई (ओ) वैरियेंट में कम्पनी ने ड्राइवर साइड एअरबैग दिया है। इसके अलावा की-लैस एंट्री, फोग लैम्प और फ्रंट व रियर सीट बेल्ट दी गई हैं।

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