टाटा की ऑटो गियर ट्रक लाने की तैयारी

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मारुति सेलेरियो देश की पहली एएमटी यानि ऑटो मैन्यूअल ट्रान्समिशन वाली कार है। हालांकि अब यह टाटा ज़ेस्ट और मारुति की नई के-10 में भी मुहैया है। आने वाले एक साल में कई मॉडलों में ऑटोमेटिक ट्रान्समिशन का यह अफोर्डेबल ऑप्शन मिलने लगेगा। टाटा मोटर्स अपने कमर्शियल वेहीकल मॉडलों में इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। लेकिन ऐसा करने वाली टाटा मोटर्स पहली और अकेली कम्पनी नहीं है। कहें तो अशोक लेलैंड एएमटी के मामले में टाटा मोटर्स को पीछे छोड़ चुकी है। अशोक लेलैंड ट्रक मॉडल बॉस में पिछले वर्ष ही इस टेक्नोलॉजी को पेश कर चुकी है। अशोक लेलैंड बॉस की लॉन्चिंग के मौके पर कम्पनी के निदेशक संदीप अग्रवाल ने बताया कि अभी इस टेक्नोलॉजी वाले कुछ बॉस ट्रक ग्राहकों को दिये गये हैं और डिमांड आने पर बॉस के एएमटी वैरियेंट का उत्पादन बढ़ाया जायेगा।
अब टाटा मोटर्स सीवी सैगमेंट में अपना मार्केट शेयर बचाने और बढ़ाने के लिये एएमटी सहित कई नई टेक्नोलॉजी पेश करने की तैयारी कर रही है। फिलहाल एएमटी टेक्नोलॉजी को कम्पनी डवलप कर रही है। टाटा मोटर्स कॉम्पेक्ट सेडान ज़ेस्ट के लिये एएमटी गियर बॉक्स फिएट की सहयोगी मैग्नेटी मरेली से ले रही है।
टाटा मोटर्स के सीवी सैगमेंट के कार्यकारी निदेशक रवि पिशरोदी के अनुसार कम्पनी प्राइमा ट्रक, जेनॉन एक्सटी पिकअप और अल्ट्रा रेंज में एएमटी टेक्नोलॉजी पेश करने पर विचार कर रही है। एएमटी टेक्नोलॉजी वाले मॉडल अगले वित्तीय वर्ष में लॉन्च होने की उम्मीद है। कम्पनी लागत कम रखने के लिये एएमटी टेक्नोलॉजी को इनहाउस डवलप कर रही है। टाटा मोटर्स के कमर्शियल वेहीकल सैगमेंट इंजीनियरिंग प्रमुख एके जिंदल के अनुसार एएमटी टेक्नोलॉजी से मैन्यूअल ट्रान्समिशन के मुकाबले ज्यादा मायलेज मिलता है और बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं पडऩे से क्लच की लाइफ भी बढ़ती है। यानि एएमटी से गाड़ी की ऑपरेटिंग लागत तो घटती ही है साथ ही ड्राइवर को भी सुविधा होती है। एएमटी को ऑटो गियर शिफ्ट सिस्टम भी कहते हैं और इसमें सिर्फ गियर लीवर को शिफ्ट करने भर से गाड़ी को ऑटो ड्राइव से मैन्यूअल मोड में लाया जा सकता है।

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