जेडी पावर ब्रांड स्टडी: भारत में खास ब्रांड पहचान आसान नहीं

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jd-power-india-brand-influence-study-3भारत के मास सैगमेंट कार बाजार में करीब एक दर्जन कम्पनियों के सौ के करीब मॉडल बिक रहे हैं। लेकिन जेडी पावर एशिया पैसिफिक की 2014 इंडिया ब्रांड इन्फ्लूएंस एंड पोजिशनिंग स्टडी में कहा गया है कि इनमें से बहुत कम ही ब्रांड ऐसे हैं जो ग्राहक के मन में खास पहचान बना पाये हैं।
जेडी पावर की यह बीआईपीएस स्टडी उन 8009 कार मालिकों से लिये गये फीडबैक पर आधारित है जिन्होंने 30 से 42 महिने पहले अपनी गाड़ी खरीदी थी और उन्हें दो ब्रांडों की तुलना करने के लिये कहा गया था। देश के 30 शहरों में जनवरी से अप्रेल 2014 के बीच की गई इस स्टडी में मास मार्केट पैसेंजर कार ब्रांड्स के ब्रांड असर को मापा गया और इसके लिये ब्रांड को लेकर ग्राहक की जानकारी और उसके नजरिये को आधार बनाया गया।
जेडी पावर एशिया पैसिफिक सिंगापुर के कार्यकारी निदेशक मोहित अरोड़ा के अनुसार पिछले पांच वर्ष में भारत के वाहन बाजार में ग्राहकों में ब्रांड इमेज और साख की अहमियत बढ़ी है और गाड़ी खरीदने का यह बड़ा आधार बनकर उभरा है।
स्टडी के अनुसार भारत के ग्राहकों को अमेरिका और यूरोप के बड़े ब्रांड जैसे रेनो, फोर्ड और फिएट के बीच अंतर करने में भारी परेशानी की बात सामने आई। जबकि जापानी ब्रांड होन्डा और टोयोटा इस मामले में कहीं बेहतर स्थिति में रहे और अन्य ब्रांड्स से अपने आपको अलग स्थापित करने में कामयाब साबित हुये हैं। भारत के ग्राहकों का जापानी ब्रांडों को लेकर नजरिया है कि ये कंटेम्परेरी यानि आज के जमाने के हैं और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग वाले होते हैं। भारत के ग्राहकों का मानना है इनकी साख यूरोपीय, अमेरिकी और कोरियाई कार ब्रांड्स के मुकाबले कहीं अधिक ग्लोबल है। भले ही मारुति जापानी हो लेकिन ग्राहकों में इसकी पहचान भारतीय ब्रांड के रूप में है। ग्राहकों का मानना है कि मारुति की गाडिय़ां भले ही अन्य ब्रांडों के मुकाबले कम आधुनिक होती हों लेकिन अफोर्डेबल और फ्यूल एफीशियेंट गाडिय़ां बनाने वाली कम्पनी के रूप में मारुति सुजुकी की पहचान है। मारुति की तरह ही टाटा मोटर्स के बारे में भी ग्राहकों की सोच अफोर्डेबल और फ्यूल एफीशियेंट गाड़ी बनाने वाली कम्पनी के रूप में है।

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