कार की तेज रफ्तार स्कूटर ने बढ़ाई चिंता

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SIAM Mayमई में कार सेल्स 7.73 फीसदी बढक़र 160067 यूनिट्स रही लेकिन अप्रेल में बढऩे के बाद मई में यूवी मॉडलों की सेल्स में फिर गिरावट आई। मई में वैन की सेल्स भी घटी। लेकिन यदि कुल पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट को देखें तो सेल्स 4.67 फीसदी बढ़ी। कारोबारी साल के शुरूआती दो महिनों अप्रेल-मई में कार सेल्स में 12.7 फीसदी की अच्छी बढ़त दर्ज की गई और पैसेंजर वेहीकल सैगमेंट में सेल्स 9.98 फीसदी बढक़र 435660 यूनिट्स रही। यानि बिक्री में करीब-करीब डबल डिजिट ग्रोथ रही। लेकिन कार कम्पनियों का मानना है कि नये मॉडलों को जहां अच्छा समर्थन मिल रहा है वहीं पुराने मॉडल अपने वॉल्यूम को बचाये रखने के लिये जूझ रहे हैं।
एक ओर जहां पैसेंजर सैगमेंट में सेल्स मजबूत हो रही है वहीं टू-व्हीलर की सेल्स चिंता बढाने लगी है। बाइक्स की बिक्री तो अक्टूबर से ही लगातार कमजोर है लेकिन पिछले दो महिनों से स्कूटर की रफ्तार भी चिंताजनक स्तर तक सुस्त पड़ चुकी है। मई में सिर्फ 2.61 फीसदी की ग्रोथ के साथ 364073 स्कूटर बिके। अप्रेल में भी स्कूटर सेल्स 5.3 फीसदी बढ़ी थी। पिछले मानसून की लेटलतीफी व मार्च में बेमौसम बारिश और ओले पडऩे से फसल को हुये नुकसान के कारण रूरल मार्केट में बाइक्स खासकर एंट्री लेवल बाइक्स की सेल्स पर बहुत बुरा असर पड़ा है। लेकिन मॉपेड की बिक्री पर रूरल इकोनॉमी की कमजोरी का असर नजर नहीं आ रहा है। मई में मॉपेड की बिक्री 5.3 फीसदी बढक़र 63555 यूनिट्स रही। अप्रेल-मई में 7.48 फीसदी की बढ़त के साथ 124116 मॉपेड बिक चुकी हैं। स्कूटर की ज्यादातर सेल्स शहरों मेंं होती है लेकिन सेल्स के कमजोर पडऩे का कोई कारण समझ नहीं आ रहा है।
मई में बस की सेल्स 29.69 फीसदी बढक़र 4259 यूनिट्स रही वहीं 23 फीसदी की बढ़त के साथ 16356 ट्रक बिके। हालांकि एलसीवी सैगमेंट में गिरावट का दौर कमजोर पड़ रहा है लेकिन बिक्री बढऩे की शुरूआत के लिये अभी कुछ महिने इंतजार करना पड़ सकता है।

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