एक हिंदुस्तानी के हाथ में है Hyperloop की कमान

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मुम्बई में हुई मैगनेटिक महाराष्ट्र इन्वेस्टर समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की मौजूदगी में वर्जिन ग्रुप के फाउंडर रिचर्ड ब्रेन्सन ने मुम्बई-पुणे रूट के लिये Hyperloop सर्विस शुरू करने का एक समझौता किया है।

Hyperloop दरअसल एक कॉन्सेप्ट या कहें तो आइडिया है जिसका इन दिनों अमेरिका के नेवादा में इसका पायलट चल रहा है। वर्जिन अटलांटिक वाले रिचर्ड ब्रेनसन के अलावा हाईपरलूप टेक्नोलॉजी पर टेस्ला मोटर्स वाले एलन मस्क भी काम कर रहे हैं।

Hyperloop का यह है इंडियन कनेक्शन

Hyperloop One प्रॉजेक्ट की इंजीनियरिंग टीम की कमान भारतीय मूल की इंजीनियर डॉ. अनीता सेनगुप्ता के हाथ में है। Hyperloop One में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं और नेवादा में चल रहे पायलट की अगुवाई कर रही हैं। डॉ. सेनगुप्ता इससे पहले अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा में थी और मार्स क्यूरिओसिटी रोवर की लैंंडिंग टीम की लीडर थीं।

Hyperloop के अभी दुनिया के किसी भी देश में कॉमर्शियल ऑपरेशन्स नहीं हैं हालांकि दुबई को आबुधाबी से जोडऩे के लिये ऐसे ही प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है।

क्या है Hyperloop

आपने मेगलेव ट्रेन का नाम सुना होगा। मेगलेव ट्रेन दरअसल मेगनेटिक लेविटेशन सिस्टम से चलती है। यानी चुम्बक की शक्ति से ट्रेन पटरी से कुछ ऊपर चलती है यानी मेगलेव ट्रेन स्पीड पकडऩे के बाद पटरी को छूती नहीं है।
यदि इस ट्रेन को वैक्यूम टनल मेें चलाया जाता है तो इसकी स्पीड चार गुना तक बढ़ सकती है। यही आइडिया है

Hyperloop का।

Hyperloop India Project

एक अरब डॉलर यानी करीब 6400 करोड़ रुपये के इस Hyperloop One प्रॉजेक्ट के पूरा होने पर मुम्बई से पुणे 14 से 25 मिनट में ही पहुंचा जा सकेगा। अभी कार से इसमें 3-4 घंटे लगते हैँ जबकि हवाईजहाज से करीब आधा घंटा और सर्विस 2024 में शुरू हो सकती है।

ब्रैनसेन ने कहा कि वह भारत को हाइपरलूप ट्यूब्स के लिए एक्सपोर्ट हब के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 3 साल में रूट टेस्टिंग का काम पूरा हो जायेगा और 7 साल में Hyperloop चलने लगेगी।

वर्जिन ग्रुप की Hyperloop One वैसे तो 1150 किलोमीटर की स्पीड तक पहुंच सकती है लेकिन भारत में इसकी स्पीड 350 किलोमीटर ही होगी।

दावा ये भी है कि एक घंटे में मुम्बई से पुणे 10 हजार लोग यात्रा कर सकते हैं जो कि साल में 15 करोड़ पैसेंजर ट्रिप हुईं।

माना जा रहा है कि मुम्बई से पुणे का Hyperloop टिकट फ्लाइट जितना ही होगा लेकिन खास बात ये है कि फ्लाइट जहां शहर से दूर एअरपोर्ट से ऑपरेट होती है वहीं हाईपरलूप के टर्मिनल शहर के बीचों-बीच होंगे।

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